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सोमवार, 28 जून 2010

मै आत्म ह्त्या करने जा रही हूँ..

मुझे क्या पता था । की जिस पथ पर मै चल रहा हूँ। उस पथ पर एक सुंदरी मेरे साथ साथ चल रही है॥ और मै अपनी दिशा को चलता गया कुछ दूर जाते जाते मेरे कानो को पायल की धुन सुनायी देने लगी॥ जो मुझे चंचल करने लगी॥ फिर भी मै आगे को बढ़ता गया। एक सुन्दर बागे के समीप पहुच कर मै रूका और पीछे की तरफ देखा तो अचंभित रह गया । एक सुन्दर सुंदरी मेरे समीप कड़ी थी। मै पूछ बैठा की आप कौन है और कहा को जा रही है॥ तब वह सुंदरी कहने लगी की मै सुविधा हूँ। मै अब इस समय सामने वाली नदी में समाने जा रही हूँ। क्यों की अब महगाई की मार को मै नहीं झेल सकती लोगो को उचित सुविधा देने में समर्थ हूँ। इस लिए मै अब आत्म ह्त्या करने जा रही हूँ।

2 टिप्‍पणियां:

  1. इतनी मँहगाई में उसके पास और उपाय भी क्या है??

    वैसे: एक सुन्दर सुंदरी : सुन्दरी तो सुन्दर ही होती है फिर??

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  2. sir sundri to sundari hoti hai lekin usaki aavshayktaa ho poori honi chahiye..

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