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गुरुवार, 24 नवंबर 2011

लड़का॥

आवा करा शरमावा न करा॥

काजू कय बार फी खावा करा॥

चाहे एक टका महगी बिकावा करा॥

मुला रात अन्धियरिया गोरी आवा॥

लड़की:

आवा करा शरमावा न करा॥

काजू कय बर्फी खावा करा॥

चाहे घुइन टका शेर बिकावा करा॥

मुला रात अन्धियरिया पीया आवा करा॥

लड़का:

काशी कय लड्डू बनारस कय पड़ा ॥

जाय भुसावल से लाये केला॥

बड़ा परशान भये रहे जो अकेला॥

मुहवा पय चिपकावा करा॥

मुला रात अन्धियरिया गोरी आवा॥

लड़की::

सोने के थाली में जेवना लगायव... ॥

फूलो की खुशबू से सजायव॥

हंस हंस राजा खावा करा॥

मुला रात अन्धियरिया पिया आवा.करा॥

लड़का॥

झुमका लाये बाली लाये...

एक मोतियाँ कय हार गुहाये॥

सज धज के मुस्कावा करा॥

मुला रात अन्धियरिया गोरी आवा॥

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