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शुक्रवार, 18 नवंबर 2011

दुर्योधन के आहंकर का॥अंत यही अब होना है॥


गलत किया दुशासन चीर हरण॥

अब तो महाभारत होना है॥

दुर्योधन के आहंकर का॥अंत यही अब होना है॥

छाती पीटा भीष्म पितामह //

अब तो सब कुछ खोना॥

दुर्योधन के आहंकर का अंत यही अब होना है...

भीम प्रतिज्ञा विफल न जाये॥

न अर्जुन के तीर॥

मरेगे महावली योधा॥

बहुत मरेगे बीर॥

र चा विधाता ने विधना॥

उसको तो अब होना है॥

दुर्योधन के आहंकर का॥अंत यही अब होना है॥

गर दुर्योधन मान जाय तो॥

साड़ी बला कट जायेगी॥

कितनी सुहागन विधवा होने से॥

मान सहित बच जायेगी॥

लेकिन होगा वह जो संभव॥

अब तो रोना ही रोना है..

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